Friday, May 09, 2014

. . . ज़िन्दगी का फलसफ़ा. . .

ज़िन्दगी का फलसफ़ा भी अज़ीब है या अजीब घटनाओ का फलसफ़ा है ज़िन्दगी।

कभी हम आज को जीने की बात करते है . . . 
कभी हम कल को संवारने की . . . 
सारा वक़्त तो जो बीत गया उस पर ही व्यतीत करते है। 

ज़िन्दगी का फलसफ़ा भी अज़ीब है या अजीब घटनाओ का फलसफ़ा है ज़िन्दगी।

हम अपनी परेशानिओ मे घिरे रह्ते है  . . . 
कुछ कर गुजरने की कोशिशे मे लगे रहते है। 

सपने तो बहुत देखते है  . . . 
लेकिन सपनो मे ही खोये रहते है। 
सपने सच करने के कोइ कदम नही . . . 
बस सपने पूरे हो जाये ऐसे सपने देखते रहते है।

ज़िन्दगी का फलसफ़ा भी अज़ीब है या अजीब घटनाओ का फलसफ़ा है ज़िन्दगी।

 आशुतोष -

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